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पत्रिका के समीक्षित अंक में साहित्य की अनेक विधाओं की रचनाएं शामिल की गई है। पत्रिका के इस अंक की लघुकथाएं विशेष रूप से प्रभावित करती है। अंक में मालती वसंत, अनिल शर्मा, हीरालाल मिश्र, विकास अरोड़ा, नीतू सुदीप्ती, प्रदीप गुप्ता, रूखसाना सिद्दकी एवं कुलभूषण कालड़ा की लघुकथाएं शामिल की गई है। कविताओं में राजीव कुमार, ललित फरक्का, प्रेम कुमार, श्याम गोइन्का, लोक सेतिया एवं सत्यनारायण प्रभावित करते हैं। ओम प्रकाश मंजुल का व्यंग्य ठीक ठाक है। शैली किरण की कहानी तथा डा. महाराज कृष्ण जैन के पत्रकारिता पर विचार प्रभावित करते हैं। पत्रिका इस अंक से 40 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, बधाई इस आशा के साथ कि पत्रिका इसी तरह साहित्य जगत का मार्गदर्शन करती रहेगी।
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