Sunday, April 29, 2012

हिंदी साहित्य का समावर्तन


साहित्य संदेशवाहक पत्रिका

पत्रिका: समावर्तन,  अंक: अप्रैल 2012, स्वरूप: मासिक, संपादक: रमेश दवे,  आवरण/रेखाचित्र: अज्ञय आमेरिया, पृष्ठ: 64, मूल्य: 25रू.(वार्षिक 250 रू.), ई मेल: ,वेबसाईट: उपलब्ध नहीं , फोन/मोबाईल: 0734.2524457, सम्पर्क: माधवी 129, दशहरा मैदान उज्जैन म.प्र. 
हिंदी जगत में प्रतिष्ठित हो चुकी इस पत्रिका का प्रत्येक अंक नवीनता लिए हुए होता है। पत्रिका साहित्य एवं कलाजगत पर उपयोगी सामग्री का निरंतर प्रकाशन कर रही है। इस अंक में ख्यात गीतकार नईम पर सामग्री अनूठी व संग्रह योग्य है। कुबेर दत्त, कुमारी रवीन्द्र, श्रीकांत उपाध्याय, नईम जी के ख़त, बेटी समीरा की ग़ज़लें, आदि उपयोगी व संग्रह योग्य रचनाएं हैं। प्रकाश कांत, विक्रम सिंह तथा दीक्षा दुबे ने विविधतापूर्ण ा आलेख लिखे हैं। जीवन सिंह ठाकुर, दिनेश पटेल व सुनील चतुर्वेदी की रचनाएं व उनका शिल्प प्रभावित करता है। प्रमोद उपाध्याय, सत्यनारायण पटेल, रीतेश जोशी की कविताएं अच्छी व समसामयिक रचनाएं हैं। बहादुर पटेल की कविताओं पर निरंजन श्रोत्रिय के विचार से प्रायः हर पाठक सहमत होगा? कलापनि पर एकाग्र भाग भी इस कलाकार के जीवन पर संक्षेप में प्रकाश डालता है। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं आदि भी रोचक हैं। 

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