Saturday, December 24, 2011

कर्नाटक से ‘‘भाषा स्पंदन’’

पत्रिका: भाषा स्पंदन, अंक: 25, स्वरूप: त्रैमासिक, प्रधान संपादक: डाॅ. सरगु कृष्णमूर्ति, संपादक: डाॅ. मंगल प्रसाद, पृष्ठ: 64, मूल्य: 25रू (वार्षिक: 100रू.), मेल:karnatakahindiacademy@yahoo.com ,वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मोबाईल: 080.25710355, सम्पर्क: 853, 8वां क्रास, 8 वां ब्लाक, कोरमंगला, बेंगलूर 560.095 कर्नाटक
बेंगलूर से प्रकाशित हिंदी साहित्य की इस महत्वपूर्ण पत्रिका का प्रत्येक अंक संग्रह योग्य होता है। समीक्षित अंक में भी अच्छी पठनीय व संग्रह योग्य रचनाओं का प्रकाशन किया गया है। आलेखों में डाॅ. नीरा प्रसाद, राजेन्द्र गौतम, शंभू रतन अवस्थी, डाॅ. परमानंद पांचाल, सत्यकाम पहारिया, कमलकांत सक्सेना, गोस्वामी, अशोक कुमार शेरी, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव एवं डाॅ. मंगल प्रसाद के आलेख हिंदी साहित्य व भाषा की दशा व दिशा पर गंभीरतापूर्वक प्रकाश डालते हैं। प्रकाशित कहानियों में नई राह(राजेन्द्र परदेसी), कयामत(जसविंदर शर्मा), अभागन(रामशंकर चंचल), कंधा(इंद्र सेंगर) तथा खानदान(पंकज शर्मा) प्रमुख हैं। कृष्ण कुमार यादव, कमल किशोर, भानुदत्त त्रिपाठी, प्रतिभा, राजेन्द्र परदेसी, कुमार शर्मा, अनिल, मोहन तिवारी, आकांक्षा यादव, उर्मिलेश तथा आदित्य शुक्ल की कविताएं, गीत व ग़ज़ल प्रभावित करते हैं।

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