Tuesday, March 15, 2011

नारी चेतना की प्रगतिशील पत्रिका-‘नारी अस्मिता’

पत्रिका: नारी अस्मिता, अंक: जनवरी 2011, स्वरूप: मासिक, संपादक: रचना निगम, पृष्ठ: 48, रेखा चित्र/छायांकन: जानकारी उपलब्ध नहीं, मूल्य: 12रू(वार्षिक 100रू.), ई मेल: nari_asmita1994@rediffmail.com , वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. 0266.6545817, सम्पर्क: 15, गोयागेट सोसायटी, शक्ति अपार्टमेंट, बी-ब्लाक, द्वितीय तल, एस/3, प्रतापनगर बडोदरा 390004, गुजरात
स्त्री विषयक पत्रिका इस पत्रिका में प्रायः सभी वर्ग के पाठकों के लिए अच्छी सामग्री का प्रकाशन किया जाता है। अंक में कुछ अच्छे आलेख प्रकाशित किए गए हैं। उनमें प्रमुख हैं- बेटियों के अधिकार का यथार्थ(प्रभा दीक्षित), कितना अर्थ छिपा है सात फेरों में(राजशेखर व्यास), शक्ति का योगदान एक विहंगम दृष्टि(रचना निगम) एवं महिला होने पर गर्व करें(आकांक्षा यादव)। ख्यात साहित्यकार व लेखिका डाॅ. सुधा अरोड़ा से बातचीत प्रभावित करती है। कहानियों में सुबह को भूला(गीतांजली चटर्जी), मंथन जारी है(ज्योति जैन) तथा मेरा कसूर क्या है?(स्नेह लता) अच्छी व पढ़ने योग्य हैं। शुक्ला चैधरी, शैल चन्द्रा तथा विनोदिनी गोयनका की लघुकथाएं पत्रिका के स्तर के अनुरूप हैं। गीत/ग़ज़लों में सुरेखा शर्मा, उषा यादव, सुरेश आनंद तथा उमा श्री प्रभावित करते हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं भी स्तरीय हैं व साहित्य को उपलब्ध कराने के साथ साथ समाज को दिशा देने में सक्षम हैं। पत्रिका का संपादकीय पाठकों को गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित करता है।

4 comments:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति !! धन्यवाद

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  2. मुखपृष्‍ठ तो चालू किस्‍म का नजर आ रहा है.

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  3. अच्छी प्रस्तुति|धन्यवाद|

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