Thursday, July 8, 2010

हैदराबाद से हिंदी साहित्य का ‘पुष्पक’

पत्रिका: पुष्पक, अंक: 12 सन् 2010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: डाॅ. अहिल्या मिश्र, पृष्ठ: 116, मूल्य:75रू.(वार्षिक 250रू.), ई मेल: misharaahilya@yahoo.in , वेबसाईट/ब्लाॅग: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. 040.23703708, सम्पर्क: 93सी, राजसदन, वेंगलराव नगर, हैदराबाद 500.038
पत्रिका का समीक्षित अंक विविधतापूर्ण रचनाआंें से युक्त है। अंक में सच्चाई की सीख(अहिल्या मिश्र), रसभरी(श्याम सखा श्याम), एक दूजेे के लिए(पवित्रा अग्रवाल), चबूतरा(प्रो. एस. शेषारत्नम्), मां की ममता(सरिता सुराणा जैन), मुल्तानी हाट का डाक्टर(कमला प्रसाद बेखबर), की समसामयिक कहानियां प्रमुखता से प्रकाशित की गई हैं। अंक में डाॅ. रमा त्रिवेदी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, यासमीन सुल्ताना नकवी, प्रकाश सूना, रामगोपाल शर्मा दिनेश, डाॅ.शिवनंदन कपूर, सुषमा वैद, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, करूणेश अरोरा, अनुपमा दीप्ति, नलिनीकांत, राकेश खण्डेलवाल, ज्योति नारायण, कृपााशंकर शर्मा अचूक, राजेन्द्र बहादुर सिंह राजन, आर.सी. शर्मा एवं मधु शुक्ला की कविताएं आज के संदर्भ अच्छी तरह से उभार सकीं हैं। विनोदिनी गोयनका, शैलेश भारतवासी, डाॅ. दुर्गा नागवेणी, भगवान दास जोपट के आलेख व संपादक डाॅ. अहिल्या मिश्र की संग्रह समीक्षाएं पत्रिका के स्तर में अपेक्षित वृद्धि करती हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं, लघुकथाएं व पत्र आदि भी पठनीय व विचार योग्य हैं।

6 comments:

  1. खूबसूरत पोस्ट

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  2. बहुत सुंदर जानकारी जी

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  3. जानकारी के लिए धन्यवाद पत्रिका नई ऊँचाइयों को छुएगी बधाई

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  4. उपयोगी सूचना के लिए धन्यवाद, पत्रिका लोकप्रिय हो इसकी शुभकामनाएं।

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  5. उपयोगी सूचना के लिए धन्यवाद, शुभकामनाएं।

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  6. बहुत ही बढिया जानकारी दी है……………………हमारी शुभकामनायें।

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