Thursday, November 26, 2009

क्या आपने ‘पंजाबी संस्कृति’ पत्रिका पढ़ी है?

पत्रिका-पंजाबी संस्कृति, अंक-अक्टूबर-दिसम्बर.09, स्वरूप-त्रैमासिक, प्रधान संपादक-डाॅ. राम आहूजा, पृष्ठ-64, मूल्य-20रू.(वार्षिक 200रू.), सम्पर्क-एन. 115, साउथ सिटी 1, गुड़गांव(हरियाणा), फोनः 01244227455, ईमेलः ram_ahuja@hotmail.com
पत्रिका के इस अंक में पाठकोपयोगी आलेखों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख हैं- अशिष्टता(ओम प्रकाश बजाज), रिश्ते अनमोल हैं इन्हें सहेजे संवारें(नीतू पंजाबी) एवं क्या नशा सिर्फ अययाशी है। कहानियों में अपने पराए(अशफाक कादरी) तथा गुब्बारे(जसवंत सिंह विरदी) आज के समय व उससे जुड़ी मान्यताओं को लेकर चलती हुई दिखाई देती हैं। लघुकथाओं में पंकज शर्मा, डाॅ. रामनिवास मानव, श्याम सखा ‘श्याम’ एवं महावीर गोयल प्रभावशाली हैं। रमेश कुमार सोनी, श्रीमती उर्मिला मोंगा, आनंद दीवान, संजीवन मयंक, रामस्नेही लाल शर्मा, तिलकराज गोस्वामी, आशा सेली, अनिरूद्ध सिंहा एवं डाॅ. मालिनी गौतम की कविताएं उपयोगी व चिंतन योग्य हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं व पत्र आदि भी प्रभावित करते हैं।

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