हिंदी साहित्य के पथ पर ‘‘व्यंग्य यात्रा’’
पत्रिका: व्यंग्य यात्रा, अंक: अपै्रल-सितम्बर2010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: प्रेम जनमेजय, पृष्ठ: 120, मूल्य: 20 रू.(.व…
पत्रिका: व्यंग्य यात्रा, अंक: अपै्रल-सितम्बर2010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: प्रेम जनमेजय, पृष्ठ: 120, मूल्य: 20 रू.(.व…
पत्रिका : व्यंग्य यात्रा, अंक: अक्टूबर-दिसम्बर.09, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: डाॅ. प्रेमजनमेजय, पृष्ठ: 164, मूल्य:20रू.…