पत्रिका : हिंदी चेतना,  अंक :जनवरी मार्च 2013वर्ष : 13,  स्वरूप : त्रैमासिक, प्रमुख संपादक : श्याम त्रिपाठी, संपादक : सुधा ओम ढीगरा, पृष्ठ : 84, मूल्य : प्रकाशित नहीं, र्इ मेल : ,वेबसार्इट : , फोनमोबार्इल : , सम्पक
समीक्षा : क्रमश:

2 تعليقات

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  2. सरयू रामप्रिया कहलातीं
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    पाप नाशिनी हैं मां सरयू
    असंख्य कल्पनाये सजाये लहराती
    मैदान में करनाली बन सरयू
    सुन्दर-सरयू-सुगम-कहती
    हिमालय से निकली गंगा संग सरयू
    मां शारदा भी है नाम
    उत्तराखण्ड नेपाल-सीमा में
    मां काली नदी है नाम
    जान्हवी, राप्ती, आमी का नीर
    घाघरा, गोंगरा नाम बताये
    उनके सभी पाप धूल जायें
    डुबकी सरयू में जो लगाये
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    कवि हूं मैं सरयू-तट का / सुखमंगल सिंह (३१)
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    सरयू रास्ते संग-संग श्रीराम
    ऋषि विश्वामित्र चले हैं
    वाल्मीकी–वालकाण्ड बताये
    शिक्षा देने को निकले हैं
    ऋग्वेद ने भी किया गुणगान
    मां सरयू वाकई महान
    परंपरा में देविका कहाती
    और रामप्रिया भी नाम
    आओ! आज मां सरयू का
    सब मिलकर गुणगान करें
    श्री हनुमत से आज्ञा ले 'सुखमंगल'
    शारदा-सरयू में स्नान करें
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    सरयू-तट का / सुखमंगल सिंह (३२)
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