पत्रिका-साहित्य परिक्रमा, अंक-जनवरी-मार्च2013, स्वरूप-त्रैमासिक, संपादक-बलवंत जानी, ऋषिकुमार मिश्र, पृष्ठ-64, रेखंाकन/ग्राफिक्स -जानकारी उपलब्ध नहीं, मूल्य- 15रू. (वार्षिक 60 रू.), वेवसाइट -उपलब्ध नहीं, फोन: 09425407471, ईमेल-shridhargovind@gmail.com , संपर्क: राष्टोत्थान भवन, माधव महाविद्यालय के सामने, नई सड़क ग्वालियर म.प्र.
    अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा प्रकाशित यह पत्रिका हिंदी साहित्य की प्रमुख पत्रिका है। पत्रिका के इस अंक में श्रीधर पराड़कर, नरेन्द्र कोहली, नागेश्वर मिश्र, महेश चंद्र वर्मा, उमेश चंद्र शर्मा एवं आनंद मिश्रा के जानकारीपरक आलेख प्रमुखता से प्रकाशित किए गए हैं। आदित्य शुक्ला, प्रमोद कुमार महानती, संजीव चट्टोपाध्याय एवं देवेन्द्रचंद्र दास की कविताएं समसामयिक हैं व वर्तमान समाज की बदलती सोच का प्रतिनिधित्व करती है। वाल्ट व्हिटमेन की अंग्रेजी कविता का अनुवाद सुबोध चक्रवर्ती की कहानी प्रारब्ध तथा आशीष दयाल की लघुकथाएं उल्लेखनीय हैं। विवेकरंजन श्रीवास्तव का व्यंग्य प्रभावित करता है। रवीन्द्र शुक्ल, रामगोपाल रायकवार, सी.बी. श्रीवास्तव एवं प्रभाकर वि. कर्पे की रचनाएं पत्रिका के कलेवर व पठनीयता में वृद्वि करती है। अंक संग्रहयोग्य व अच्छी पठनीय रचनाओं से युक्त है। 

1 تعليقات

  1. साहित्य परिक्रमा का यह अंक बहोत अचछा हें, इस में समाविष्ट आलेख आध्यायन पूर्ण हें.
    अभिनंदन

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