Sunday, March 13, 2011

साहित्य की प्रगति के लिए ‘संबोधन’

पत्रिका: संबोधन, अंक: जनवरी-मार्च 2011, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: क़मर मेवाड़ी, पृष्ठ: 96, रेखा चित्र/छायांकन: जानकारी उपलब्ध नहीं, आवरण चित्र : स्वाति तिवारी, मूल्य: 20रू(वार्षिक 80रू.), ई मेल: not avilable , वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. 09829161342, सम्पर्क: पोस्ट कांकरोली, जिला राजसमंद 313324 राजस्थान
विगत 45 वर्ष से राजस्थान के एक छोटे से कसबे से निरंतर प्रकाशित हो रही इस पत्रिका का प्रत्येक अंक संग्रह योग्य होता है। समीक्षित अंक में भी विविधतापूर्ण रचनाओं का प्रकाशन किया गया है। अभिनेत्री मधुबाला के प्रशंसक व समर्थक मध्यप्रदेश के कवि नरेन्द्र गौड़ की उन्नीस कविताएं प्रकाशित की गई हैं। श्रीनिवास शर्मा का आलेख हिंद स्वराज और विकास का पश्चिमी माडल देश की अर्थव्यवस्था को वर्तमान सदंर्भ में परखता है। ख्यात कवि संजीव बख़्शी से साक्षात्कार में कविताओं के विषय, संगीत तथा प्रेमानुभूति पर विचार किया गया है। कहानी सड़क शर्मसार(रूपलाल बेदिया), डायरी सैन डियेगो(दामोदर दत्त दीक्षित) एवं संस्मरण सनोवर(कृष्ण कुमार भगत) विषय से बांधे रखने में सफल रही है। नित्यानंद तुषार, अरूण कुमार शर्मा तथा एस.एन. सक्सेना की ग़ज़लों में ताजगी है। गोविंद माथुर की कविताएं तथा त्रिलोक सिंह ठकुरेला की लघुकथा प्रभावित करती है। पत्रिका की अन्य रचनाएं भी उपयोगी व जानकारीपरक हैं।

1 comment:

  1. बहुत उपयोगी ओर अच्छी जानकारी !! धन्यवाद

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