Thursday, June 10, 2010

पत्रिका ही नहीं संवाद का माध्यम ‘शब्द शिल्पियों के आसपास’

पत्रिका: आसपास, अंक: जून10, स्वरूप: मासिक, संपादक: राजुरकर राज, पृष्ठ: 24, मूल्य 5रू.. (वार्षिक 50रू.), ई मेल: , वेबसाईट/ब्लाॅग: , फोन/मो. 0755.2772051, सम्पर्क: एच..03, उद्धवदास मेहता परिसर, नेहरू नगर, कोटरा, भोपाल म.प्र.
संवाद पत्रिका के इस अंक में जब्बार ढाकवाला कि सड़क दुर्घटना में निधन के समाचार के साथ साथ उनसे जुड़ी यादों को प्रमुख रूप से प्रकाशित किया गया है। नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से दुष्यंत कुमार पाण्डुलिपि संग्रहालय में आयोजित पुस्तक पर्व की सविस्तार चर्चा जानकारीपरक है। देवास में नईम के स्मरण व भोपाल के रचनाकारों द्वारा बनाई गई नई वेबसाईट की जानकारी साहित्य के पाठकों को अतिरिक्त सूचना प्रदान करती है। ख्यात लेखक बलराम द्वारा लिखा गया आलेख सलाका सम्मान विचार हेतु पाठक की सुप्त इंद्रियों को जाग्रत करने में पूरी तरह सक्षम है। पाित्रका के अन्य स्थायी स्तंभ, जानकारियां, समाचार, सूचनाएं भी संवाद स्थापित करने का माध्यम बनती है।

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