Wednesday, August 22, 2012

समय के साखी का नया अंक


पत्रिका-समय के साखी, अंक-मई 2012, स्वरूप-मासिक, संपादक-ड़ाॅ. आरती, पृष्ठ-64, मूल्य-25रू.,(वार्षिक 250) , ई-मेल: samaysakhi@gmail.com ,फोन: 09713236330, संपर्क: बी-308, सोनिया गाॅधी काम्पलेक्स, हजेला हाॅस्पिटल के सामने भोपाल म.प्र. 
साहित्य जगत की इस स्थापित पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं का स्तर हमेशा उत्कृष्ट रहा है। समीक्षित अंक में ओम भारती, प्रभुनाथ सिंह आजमी, प्रेमशंकर रघुवंशी, राजीव कुमार त्रिपाठी तथा संदीप अवस्थी की कविताएं प्रभावित करती है। रतनलाल एवं एस.एस. पटेल की अनुदित रचनाओं में मौलिकता का आभास होता है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव, भवानी सिंह तथा राजेन्द्र परदेसी की कहानियों में वर्तमान समाज में आ रहे बदलाव के दर्शन होते हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं, पत्र आदि भी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। 

साहित्य में सुखनवर


पत्रिका-सुखनवर, अंक-मई-जून 2012, स्वरूप-द्वैमासिक, संपादक-अनवारे इस्लाम, पृष्ठ-44, मूल्य-25रू.,(वार्षिक 100) , ई-मेल: sukhanwar12@gmail.com ,फोन: 09893663536 , संपर्क- सी-16, सम्राट कालोनी, अशोका गार्डन, भोपाल म.प्र. 
हिंदी व उर्दू साहित्य में समान रूप से दखल रखने वाली इस पत्रिका का प्रत्येक अंक पठनीय होता है। नवीन विचारधारा व अद्यतन विचारों को समय समय पर यह पत्रिका प्रस्तुत करती रही है। समीक्षित अंक में सुरेश पण्डित, उमा चोपड़ा, अहमद जगलोल, राजेश जोशी, अशोक मिजाज, जसवीर जख्मी, सत्यप्रकाश शर्मा की रचनाएं अपनी छाप छोड़ती है। रघु ठाकुर, कौशल कुमार, प्रो. मुख्तार शमीम, लालजी श्रीवास्तव तथा फिराक मिर्जा की गद्य रचनाओं में आज का समाज व उसके वैचारिक मतभेद दिखाई पड़ते हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं तथा आलेख आदि भी विशेष महत्व के हैं। 

Tuesday, August 21, 2012

पत्रिका ‘‘हिंदुस्तानी जबान’’ में भारतीय दर्शन तथा विचार



पत्रिका-हिंदुस्तानी जबान, अंक-जुलाई-अगस्त 2012, स्वरूप-त्रैमासिक, संपादक-माधुरी छेड़ा, पृष्ठ-54, मूल्य-20रू.,(वार्षिक 60) ,फोन: उपलब्ध नहीं, संपर्क- महात्मा गाॅधी मेमोरियल रिसर्च सेंटर, महात्मा गाॅधी बिल्ंिडग, 7 नेताजी सुभाष मार्ग, मुम्बई महाराष्ट्र
मुम्बई से प्रकाशित इस गाॅधीवादी साहित्य पत्रिका का प्रत्येक अंक संग्रह योग्य रचनाओं से युक्त होता है। इस अंक में उषा ठक्कर, विमलेश कांति वर्मा, रंजना अरगड़े, एवं मनोज सोनकर के लेख विशिष्ठ हैं। अन्य रचनाओं में प्रकाश पर्थेकर की कोकड़ी कहानी, भावना सक्सेना की कहानी ‘एक उधार बाकी है’, हस्तीमल हस्ती मकी ग़ज़ल, पारूल रावत एवं श्रीमती एस.एम. कासिम्बी के लेख कविताएं तथा अली अब्बास रिजवी का देश गान प्रभावित करता है। 

केरल हिंदी साहित्य अकादमी शोध पत्रिका का नया अंक


पत्रिका-केरल हिंदी साहित्य अकादमी शोध पत्रिका, अंक-जुलाई 2012, स्वरूप-त्रैमासिक, संपादक-एस. चंदशेखर नायर, पृष्ठ-44, मूल्य-20रू.,(वार्षिक  80 रू.60), फोन: 0571.2541355, संपर्क: श्रीनिकेतन, लक्ष्मीनगर, पट्टम पालस पोस्ट, तिरूवन्नतपुरम, केरल 
                              केरल से प्रकाशित हिंदी साहित्य की इस पत्रिका का प्रत्येक अंक नवीनतम साहित्यिक रचनाओं से युक्त होता है। समीक्षित अंक में साहित्य की विभिन्न विधाओं पर देश भर के लेखकों द्वारा भेजी गई रचनाओं का प्रकाशन किया गया है। इनमें कुछ रचनाएं साहित्यिक व सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व की हैं। बद्रीनारायण तिवारी, चंद्रशेखर नायर, रमा उण्णिातान, राजपुष्पम, रामकुमार वर्मा, मधु धवन की रचनाओं में साहित्यिकता के तत्व प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। कुलशेखर, रामस्नेहीलाल वर्मा, सजिता पी.एस. तथा ख्यात न्यायविद एम. आर. हरिहरन नायर ने रचनाओं में भावों को सुंदर ढंग से पिरोया है। के.जी. प्रभाकरण, जाधव सुनील गुलाब सिंह, प्रीतारमणीटी.आई., लीलाकुमार एस., एन.जी.देवकी सहित अन्य लेखकों की रचनाओं में भी विशिष्टता है।