Sunday, August 16, 2009

अब नव साहित्यकारों को प्रोत्साहन कैसे मिलेगा?--संदर्भ प्रोत्साहन

पत्रिका-प्रोत्साहन, अंक-73(श्रद्धांजलि अंक), स्वरूप-त्रैमासिक, संस्थापक- स्व.श्री जीवितराम सेतपाल, सम्पादक-श्रीमती कमला सेतपाल, सजावट-महिमा सेतपाल, पृष्ठ-26, सम्पर्क-ई-3/307, इन्लैक्स नगर, यारी रोड़, वर्सोवा, अंधेरी (पश्चिम), मुम्बई
पत्रिका का समीक्षित अंक ख्यात साहित्यकार, लेखक तथा संपादक स्व. श्री जीवितराम जी सेतपाल के समग्र कृतित्व पर एकाग्र है। सेतपाल जी ने साहित्य सृजन के साथ साथ नए साहित्यकारों को ‘प्रोत्साहन’ देते हुए अपनी पत्रिका में हमेशा स्थान दिया था। वे लेखक से भी बढ़कर एक अच्छे प्रोत्साहक थे जिनके मार्गदर्शन में अनेक लोग साहित्य से जुुडे़। समीक्षित अंक में राजेश विक्रांत, मोतीलाल मिश्र, मनोज सोनकर, डाॅ. अवधेश, डाॅ. पराड़कर, डाॅ. गोपाल हीरानंदानी, देवेश ठाकुर तथा मधुराज मधु के आलेख उन्हंे सच्ची श्रृद्धांजलि देते हैं। मोहनलाल पोहूमल शर्मा, सुदर्शन शर्मा, चंद्रसेन विराट, देवी नागरानी तथा सरताज मेहदी के आलेख उनके समग्र लेखन जीवन शैली तथा साहित्य संपादन का विश्लेषण करते हैं। डाॅ. मिर्जा हसन नासिर तथा रति लाल साहिन ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पढ़ाव तथा आने वाले उतार चढाव पर प्रकाश डाला है। कथा चक्र परिवार की ओर से प्रोत्साहनकत्र्ता स्व. सेतपाल जी को विनम्र श्रृद्धांजलि।

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