Saturday, September 29, 2012

साहित्य परिक्रमा के इस अंक में नवीनता व साहित्यिकता


पत्रिका: साहित्य परिक्रमा, अंकः जुलाई-सितम्बर 2012, स्वरूप: त्रौमासिक, संपादक: जीत सिंह जीत, मुरारी लाल गुप्ता, मूल्य: 15रू. (वार्षिक 60 रू.), ई मेल:  , वेवसाइट: उपलब्ध नहीं, फोन: 09425407471, सम्पर्क:   राष्ट्रोत्थान भवन, माधव महाविद्यालय के सामने, नई सड़क ग्वालियर म.प्र. 
 अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास द्वारा विगत 13 वर्ष से निरंतर प्रकाशित की जा रही पत्रिका साहित्य परिक्रमा का प्रत्येक अंक विशेषांक होता है। समीक्षित अंक में भी संग्रह योग्य पठ्नीय रचनाओं का प्रकाशन किया गया हैै। इनमें साहित्यिकता के साथ साथ समाज को जोड़ने वाले विचारों की प्रचुरता है। प्रकाशित कहानियों में संध्या की ओर(इंदु गुप्ता) तथा आंगन की रोशनी(डाॅ. कामिनी) विशेष रूप से वर्तमान बदलते समाज की कहानियां हैं। महेश पाण्डेय तथा संजय शर्मा की लघुकथाएं सार्थक तथा समयानुकूल रचनाएं हैं। सपंतदेवी मुरारका का यात्रा विवरण रोचकता से भरपूर है। अब्बासखान के व्यंग्य में कटाक्ष की कमी रह गई, इस व्यंग्य के लेखन में अभी ओर  समय दिया जाना चाहिए था। डाॅ. अवधेश चंसोलिया तथा आचार्य भगवत दुबे के आलेखांे में अच्छा विषयगत विश्लेषण है। डाॅ. शैलेन्द्र स्वामी, सतीश चतुर्वेदी, मोतीलाल विजयवर्गीय, डाॅ. एन.एस. शर्मा तथा संजय जोशी के शोधपरक आलेख शोधार्थी के साथ  साथ आम पाठक के लिए भी समान रूप से उपयोगी हैं। कविताओं  में डाॅ. रामस्वरूप खरे, मधुर गंजमुरादाबादी, देवेन्द्र आर्य, भानुदत्त त्रिपाठी, जगदीश श्रीवास्तव की कविताएं, गीत व ग़ज़ल प्रभावित करते हैं। अन्य रचनाएं, समीक्षाएं व समाचार आदि भी रोचक व समसामयिक हैं। 

Thursday, September 27, 2012

मैसूर हिंदी प्रचार परिषद पत्रिका का नया अंक


पत्रिका-मैसूर हिंदी प्रचार परिषद पत्रिका, अंक-सितम्बर 2012, स्वरूप-मासिक, संपादक-आर. चंद्रशेखर, मनोहर भारती, पृष्ठ-64, मूल्य-5रू.,(वार्षिक 50) , ई-मेल: ,फोन: 080.23404892, संपर्क: 58, वेस्ट आॅफ कोर्ट रोड़, राजाजी नगर, बेंगलूर कर्नाटक 
पत्रिका के इस अंक में प्रकाशित रचनाएं हिंदी साहित्य एवं भाषा का प्रतिनिधित्व करती हैं। अंक में प्रकाशित प्रमुख रचनाओं में रामचरण यादव, छेबी शाह, देवदत्त शर्मा , हितेश कुमार शर्मा, लालता प्रसाद मिश्र, साबिया मोहम्मद रफीक तथा गोविंद शैनाय की रचनाओं में नवीनता तथा साहित्यिकता है। अन्य रचनाओं में पदमप्रिया, लालतप्रसाद मिश्र, संतोष काम्बले, नरेन्द्र सिंह परिहार, रामसेवक शुक्ल, राधेलाल नवचक्र, श्रीमती वनिता, देवेन्द्र कुमार मिश्रा, नलिनीकांत, प्रो. बी. बै. ललिताम्बा की रचनाएं आधुनिक समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। अन्य रचनाएं भी पठनीय व स्तरीय हैं।

Sunday, September 23, 2012

माॅरिशस से प्रकाशित ‘‘विश्व हिंदी समाचार’’ पत्रिका का विश्व हिंदी दिवस विशेषांक


पत्रिका: विश्व हिंदी समाचार, अंकः 17 मार्च 2012, स्वरूप: त्रौमासिक, संपादक: श्रीमती पूनम जुनेजा, गंगाधर सिंह सुखलाल, मूल्य: प्रकाशित नहीं, ई मेल: whsmauritius@intnet.mu, sgwhs@intnet.mu, whsmauritius@gmail.com  , वेवसाइट: , फोन: 230.6761196, सम्पर्क: स्विफ्ट लेन, फाॅरेस्ट साइट, माॅरिशस 
                                    माॅरिशस से प्रकाशित समाचार प्रधान पत्रिका का यह अंक विविधतापूर्ण जानकारी से युक्त है। अंक में मुखपृष्ठ पर भारत के प्रधानमंत्राी मनमोहन सिंह का संदेश प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। माॅरिशस में 10 जनवरी 2012 को आयोजित होने वाले समारोह का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। समाचार में स्पष्ट किया गया है कि माॅरिशस में हिंदी का प्रचार प्रसार तथा उपयोग वहां के आमजन से जुड़ा हुआ है। इसे लोगों से अलग करना संभव नहीं है। पत्रिका ने विश्व भर में हिंदी दिवस के आयोजन का समाचार अन्य पृष्ठों पर प्रकाशित किया है। इसके अंतर्गत भारत, कुवैत, पुर्तगाल, जापान, इज़राइल, पोर्ट आॅफ स्पेन, गुयाना, दोहा, भूटान, श्रीलंका एवं अमरीका में आयोजित होने वाले हिंदी दिवस समारोह की जानकारी प्रभावित करती है। 11 फरवरी 2012 को महात्मा गांधी संस्थान के सुब्रमण्यम भारती सभागार में विश्व हिंदी ससचिवालय ने अपने आधिकारिक कार्यारंभ की चतुर्थ वर्षगांठ मनाई, पत्रिका की प्रधान संपादक श्रीमती पूनम जुनेजा ने अतिथियों का स्वागत किया। ख्यात साहित्यकार व लेखक श्री विभूतिनारायण राव जी का स्वागत करते हुए कहा कि विभूति नारायण राव ने वर्तमान साहित्य पत्रिका का संपादन  करने के साथ साथ साहित्य जगत के लिए जो कार्य किए हैं वे अनंतकाल तक याद किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन श्री गंगाधर सिंह सुखलाल ने किया। 
जापान के तोकियो विश्वविद्यालय के विभाग फाॅरेन स्टडीज में भी द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन  के आयोजन की रिपोर्ट हिंदी के वैश्विक स्वरूप व उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान करती है। स्पेन में15 से 17 मार्च2012 तक आयोजित यूरोपीय हिंदी संगोष्ठी में विदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षणः परिदृश्य विषय पर परिचर्चा का समाचार योरोप में हिंदी के विकास की सकारात्मक प्रस्तुति है। इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव के अकादमिक सत्रों का शुभारंभ, भोपाल में धर्मवीर भारती फैलोशिप शुरू, नांदेड (भारत) में लेखक सम्मेलन, ख्यात सिने तारिका रानी मुखर्जी द्वारा अरब के पहले हिंदी रेडियो स्टेशन का शुभारंभ, दिल्ली के प्रगति मैदान में पुस्तक मेला सम्पन्न, डाॅ. पांचाल का दक्खिनी हिंदी पर व्याख्यान सहित अन्य समाचार पत्रिका की अन्य विशेषता है। पत्रिका की प्रधान संपादक श्रीमती पूनम जुनेजा का सह कथन समसामयिक है, ‘‘हिंदी शिक्षण के फैलाव को बढ़ाने के साथ साथ उसका आधुनिकीकरण करना होगा  जिससे कि नई युवा पीढ़ी भी इसकी ओर आकर्षित हो।’’ पत्रिका का कलेवर, साज सज्जा तथा रचनात्मकता उच्च कोटि की है।  

पत्रिका ‘‘इप्टा वार्ता’’ का नाट्य समारोह अंक


पत्रिका: इप्टा वार्ता, अंकः 10, स्वरूप: त्रौमासिक, संपादक: हिमांशु राय, मूल्य: प्रकाशित नहीं, ई मेल: iptavarta@rediffmail.com   , फोन: 0761.241771, सम्पर्क: पी.डी. 4, परफेक्ट एन्कलेव, स्नेह नगर, जबलपुर 02 म.प्र. 
पत्रिका इप्टा वार्ता के समीक्षित अंक में अठ्ारहवें राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। कार्यक्रम के लिए म.प्र. नाट्य विद्यालय भोपाल के निदेशक श्री संजय उपाध्याय ने इस समारोह में प्रमुख भूमिका का निर्वाहन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के आयोजनों को आमजन ने सराहा। इस दौरान मंचित नाटकों के चित्रा भी पत्रिका द्वारा प्रकाशित किए गए हैं। नरेश सक्सेना की कविता तथा निर्मिश ठाकर का रेखाचित्रा भी पत्रिका का प्रमुख आकर्षण है।