Thursday, October 25, 2012

दक्षिण की ख्यात पत्रिका ‘‘अहल्या’’ का दहेज प्रथा विशेषांक


पत्रिका-अहल्या, अंक-अक्टूबर 2012, स्वरूप-त्रैमासिक, संपादक-श्रीमती आशादेवी सोमाणी, पृष्ठ-64, रेखंाकन/ग्राफिक्स - ,  मूल्य-20रू.,(वार्षिक 80रू.), वेवसाइट - ,  फोन: 040.24804000, ईमेल- , संपर्क: अहल्या, 14-4-408, ज्ञानबाग रोड़, प्रकाश रोड़ लाइन्स के सामने, पान मण्डी के पास, हैदराबाद आंध्रप्रदेश
    हैदराबाद से प्रकाशित नारीविषयक समीक्षित पत्रिका के प्रत्येक अंक में किसी विशेष विषय अथवा व्यक्तित्व पर संग्रह योग्य सामग्री का प्रकाशन किया जाता है। समीक्षित अंक को दहेज प्रथा विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया है। अंक में इस विषय पर प्रकाशित सामग्री मंे नवीनतम दृष्टिकोण व विचारधारा का समावेश होने के कारण अंक की उपयोगिता बढ़ गई है। स्व. डाॅ. पी.एन. कुटटन पिल्लै, रेणुका नैयर, अर्चना वर्मा, मीना रानी, राकेश कुमार सिंह, रतन जैन, आशा शैली, रूखसाना सिद्दीकी के आलेखों में गहन विश्लेषण व समाज में इस प्रथा के कारण उत्पन्न विषमता को उदघाटित किया गया है। विद्याभास्कर वाजपेयी का धारावाहित उपन्यास ‘मझली रानी’, काल कोठरी(प्रभात दुबे), मलिना(सरला शर्मा), आलोकित यात्री(रामनारायण मिश्र), अवशेष नाद(अंजु दुआ जैमिनी), नन्हु की सही सोच(सुकीर्ति भटनागर) की रचनाओं में साहित्यिकता के साथ साथ गंभीर चिंतन दिखाई पड़ता है। लघुकथाओं में सिद्धेश्वर, रामचरण यादव, मुकेश जैन, सुनीता शर्मा में सरसता है। रामस्नेहीलाल शर्मा, सुधा(तेलुगु कविता का अनुवाद), रामजीवन राम, राजेश यादव, गीता चैहान की कविताओं में भी दहेज विरोधी भाव दिखाई देता है। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं व लेख आदि भी प्रभावित करते हैं।

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