Saturday, July 21, 2012

साहित्य में ‘‘समकालीन अभिव्यक्ति’’


पत्रिका: समकालीन अभिव्यक्ति,  अंक: अपै्रल-जून 2012, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: उपेन्द्र कुमार मिश्र,  आवरण/रेखाचित्र: जानकारी उपलब्ध नहीं, पृष्ठ: 64, मूल्य: 15रू.(वार्षिक 60रू.), ई मेल: ,वेबसाईट: उपलब्ध नहीं , फोन/मोबाईल: 011.26645001, सम्पर्क: फ्लैट नं. 5, तृतीय तल, 984 वार्ड नं. 7, महरौली, नई दिल्ली 30 
समीक्षित पत्रिका समकालीन  अभिव्यक्ति का यह अंक विविधतापूर्ण रचनाओं से युक्त है। अंक में साहित्य जगत के नवोदित तथा स्थापित रचनाकारों को समान रूप से स्थान देने का प्रयास किया गया है। प्रमुख रचनाओं में कहानियों व आलेखों को सम्मलित किया जा सकता है। के.एल. दिवान, कृष्ण कुमार भगत, पूरन सिंह की कहानियों में आज के मानव के उस रूप से दर्शन होते हैं जिसके बारे में सामान्यतः लोग कम ही सोचते हैं। ए. सन्यासि राव, वरूण कुमार तिवारी के लेख तथा विजय कुमार सम्पति का व्यंग्य पाठकों को अच्छे लगेगें। स्तंभ धरोहर के अंतर्गत अनिल डबराल का आलेख इस बार विशेष प्रभावित नहीं कर सका है। रश्मि वर्णवाल, नवल किशोर भट्ट, ज्ञानेश कुमार, किशन तिवारी व राजीव कुमार तिवारी की कविताओं में ताजगी है। विश्वमोहन तिवारी का यात्रा वृतांत रोचक व जानकारीपरक है। मीना गुप्ता व मोहन लोधिया की लघुकथाओं में कथातत्व के लक्षण भी मौजूद हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं भी प्रभावित करती है। 

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