Saturday, October 15, 2011

साहित्य के लिए आवश्यक 'पंजाबी संस्कृति'

पत्रिका: पंजाबी संस्कृति, अंक: जुलाई-सितम्बर 2011, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: राम आहूजा, पृष्ठ: 64, मूल्य: 20रू(वार्षिक: 80रू.), ई मेल: ram_ahuja@hotmail.com ,वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मोबाईल: 0124.2582115, सम्पर्क: एन-115, साउथ सिटी, गुडगांव(हरियाणा)

हरियाणा से प्रकाशित हिंदी साहित्य की यह पत्रिका हिदंी व पंजाबी दोनों में एक साथ रचनाआंे का प्रकाशन करती है। इस अंक में श्रीकांत व्यास व वीर सावरकर के लेख धर्मक्षेत्र के अंतर्गत प्रकाशित किए गए हैं। समसामयिक आलेखों में सबसे बड़ा योद्धा(राम आहूजा), ज्ञान के मोती(जवाहर लाल जौहर) एवं जीवन में शिक्षा का महत्व(मानसी बाधवा) अच्छी रचनाएं हैं। लीला मोदी की कहानी नौ कन्या तथा हमारे अपने(मनीष कुमार सिंह) विशेष रूप से प्रभावित करती है। वहीं दूसरी ओर उसकी तरक्की(चित्रेश) अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में असफल रही है। इस कहानी पर अभी और कार्य किया जाना चाहिए था। मदन लाल वर्मा, सुर्कीति भटनागर, महेश राणा, वाहिद फराज, सरोज व्यास सलिल, राज कुमारी शर्मा, ओम प्रकाश बजाज, रमेश मनोहरा, राम निवास मानव, चांद शर्मा एवं अश्विनी टांक की कविताओं में नवीनता के साथ साथ समय के संघर्ष का स्वर दिखाई पड़ता है। राम निवास, श्याम लाल कौशल एवं सुरेन्द्र मंथन की लघुकथाओं को छोड़कर अन्य लघुकथाओं में कथावस्तु के स्तर पर शून्य ही झलकता है। पत्रिका का सिरायकी खण्ड भी उपयोगी व पठनीय रचनाआंे से परिपूर्ण है। अन्य रचनाएं, समाचार आदि भी प्रभावित करते हैं।

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