Tuesday, March 1, 2011

पत्रिका "मोरंगे" के सृजनात्मकता से भरपूर दो अंक’

पत्रिका: मोरंगे, अंक: 15, 16, वर्ष 2011, स्वरूप: मासिक, संपादक: प्रभात, पृष्ठ: 32,34, रेखा चित्र/छायांकन: बच्चों के द्वारा, मूल्य: ..रू.(वार्षिक ...), ई मेल: उपलब्ध नहीं , वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. प्रकाशित नहीं है, सम्पर्क: ग्रामीण शिक्षा केन्द्र, 3/155, हाउसिंग बोर्ड सवाईमाधोपुर राजस्थान
यात्रा फाउंडेशन आस्टेªलिया के वित्तीय सहयोग से प्रकाशित पत्रिका के दोनों अंक में बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक रूचिपूर्ण सामग्री का प्रकाशन किया गया है। अंक 15 में दीपक मीणा, ब्रजेश गुर्जर, अनीता परिहार, राजकिरंता, सुरेश राजपूत, आरती मीना, सेजल, रेनी की बालरूचिपूर्ण रचनाओं का आकर्षक प्रकाशन मन मोह लेता है। बाल नाटिका कुत्तें से बातचीत(कमलेश), कहानी क्यों?(नताशा) एवं बुलबुल पार्टी की चम्पा(कविता शर्मा) रोचक व अच्छी रचनाएं हैं। इसी तरह से अंक 16 में बच्चों की लिखी रचनाओं में हरिओम मीणा, बलबीर गुर्जर, भरतलाल गुर्जर, मोनिका मीणा, सुमेर, सारूक खान, विकास की रचनाएं प्रशंसनीय हैं। एक गधे से बातचीत(अशोक शर्मा), क्या मैं गोली मार दूं?(अनीता परिहार), मटरगस्ती बड़ी सस्ती एवं हमारे हाथ पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? प्रभावित करती है।

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