Saturday, September 11, 2010

साहित्य के सुखदायक है ‘सुखनवर’

पत्रिका: सुखनवर, अंक: जुलाई-अगस्त2010, स्वरूप: द्विमासिक, संपादक: अनवारे इस्लाम, पृष्ठ: 48, मूल्य:255रू.(.वार्षिक 170रू.), ई मेल: sukhanwar12@gmail.com , वेबसाईट/ब्लाॅग: http://www.sukhanwarpatrika.blogspot.com/ , फोन/मो. 09893663536, सम्पर्क: सी-16, सम्राट कालोनी, अशोका गार्डन, भोपाल 462.023 म.प्र.
हिंदी एवं उर्दू भाषा एवं साहित्य की साक्षा संस्कृति का साहित्य प्रकाशित कर रही यह पत्रिका अन्य हिंदी साहित्यिक पत्रिकाओं से हटकर है। इस अंक में सुरेश पंडित व डाॅ. सुधा दीक्षित के लेख साहित्य के साथ साथ भारतीय राजनीतिक दृष्टिकोण भी व्यक्त करते हैं। भगवान दास जैन, बलवीर राठी, निगार अजीम, शकी ल जमाली, सुमन अग्रवाल, वसीम मलिक, मंगल नसीम की ग़ज़लें अच्छी व पठनीय हैं। हरिशंकर अग्रवाल एवं जंगबहादुर श्रीवास्तव के गीत पत्रिका के स्तर में वृद्धि करते हैं। फ़रहत जहां, अंजुम उस्मानी एवं एजाज़ अहमद की कहानियों में आज के समाज व उसकी विसंगतियों पर विचार कर उन्हें दूर करने का आग्रह किया गया है। पत्रिका की अन्य रचनाएं समीक्षाएं व साक्षात्कार भी स्तरीय व पठनीय हैं।

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