Saturday, June 5, 2010

संवाद स्थापित करता ‘समकालीन साहित्य’

पत्रिका: समकालीन अभिव्यक्ति, अंक: 33, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: उपेन्द्र कुमार मिश्र, पृष्ठ: 64, मूल्य:15रू. (वार्षिक 50रू.), ई मेल: वेबसाईट/ब्लाॅग: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. 26645001, सम्पर्क: फलैट नं. 5, तृतीय तल, वार्ड नं. 7, महरौली, नई दिल्ली साहित्यिक पत्रिका समकालीन साहित्य विविधतापूर्ण रचनाओं को प्रकाशित करती रही है। इस अंक में गोवर्धन यादव, डाॅ. कृष्णा श्रीवास्तव, तारिक असलम तसलीम की कहानियां प्रमुखता से प्रकाशित की गई हैं। आलेखों में हरीलाल मिलन, डाॅ. गायत्री देवी तथा डाॅ. राजनाथ मिश्र प्रभावित करते हैं। अनिल डबराल का चेराॅपूंजी पर आलेख पठनीय व अच्छी रचना है। आशीष दशोत्तर, प्रदीप गर्ग, भोला प्रसाद आग्नेय, विजय रंजन की कविताएं तत्कालीन व्यवस्था के विरूद्ध आवाज बुलंद करती दिखाई पड़ती हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं व स्थायी स्तंभ भी प्रभावित करते हैं।

2 comments:

  1. kya main is patrika ka regular paathak ban sakta haon? kripaya avagat karvane ka kasht keejiyega...with best regards

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