Thursday, April 15, 2010

‘साहित्य सागर’ और नई कहानी

पत्रिका: साहित्य सागर, अंक: अपै्रल10, स्वरूप: मासिक, संपादक: कमलकांत सक्सेना, पृष्ठ: 50, मूल्य:20, ई मेल: kksaxenasahityasagar@rediffmail.com , वेबसाईट/ब्लाॅग: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. 0755.4260116, सम्पर्क: 161बी, शिक्षक कांग्रेस नगर, बाग मुगलिया, भोपाल 462.043 (म.प्र.)
पाठकों के मध्य लोकप्रिय पत्रिका साहित्य सागर का समीक्षित अंक कहानी विशेषांक है। पत्रिका में उच्च कोटि की पठनीय कहानियांे का प्रकाशन किया गया है। इनमंे प्रमुख है- बिना बिछिंया वाला पांव(नवल जायसवाल), सिंदूर की लाज(सनातन कुमार वाजपेयी ‘सनातन’), घृणाक्त विष(जसवंत सिंह विरदी), ममता की भूख(श्रीमती प्रभा पांडे), अम्मा(देवेन्द्र कुमार मिश्र) एवं टांेनी(प्रो. भागवत प्रसाद मिश्र)। पत्रिका के आकलन स्तंभ के अंतर्गत ख्यात साहित्यकार श्री शंकर सक्सेना पर विशेष पठनीय सामग्री का प्रकाशन किया गया है। उन पर जीवन इंदु, देवेन्द्र शर्मा, अुनुराग किशोर, गगन मालपानी हरिवल्लभ श्रीवास्तव, डाॅ. ओमप्रकाश सिंह एवं डाॅ. शंकर मुनि राय के आलेख शामिल हैं। पत्रिका के अन्य स्थायी स्तंभ, समीक्षाएं, रचनाएं भी उपयोगी व जानकारीप्रद हैं।

2 comments:

  1. जानकारी देने के लिए शुक्रिया

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