Sunday, April 4, 2010

हिंदी साहित्य की ‘पंजाबी संस्कृति’

पत्रिका: पंजाबी संस्कृति, अंक: जनवरी-मार्च10, स्वरूप: त्रैमासिक, प्रधान संपादक: डाॅ. राम आहूजा, पृष्ठ: 64, मूल्य: 20रू.(त्रैवार्षिकः 200रू.), ई मेल: ram_ahu@hotmail.com , वेबसाईट/ब्लाॅग: उपलब्ध नहीं, फोन/मोबाईल: 01244227455,सम्पर्क: एन-115, साउथ सिटी, गुड़गांव 122001 (हरियाण)
पत्रिका के समीक्षित अंक मंे सामाजिक चेतना जाग्रत करने वाली राष्ट्रीय एकता से ओतप्रोत रचनाओं का प्रकाशन किया जाता है। इस अंक में डाॅ. सादिका नबाव सहर, निशा रिहाल एवं नीतू पंजाबी के आलेखों का प्रकाशन किया गया है। कहानियों में ‘बिना बैसाखी के’(डाॅ. सुरेन्द्र मंथन) एवं अमन ही अमन(डाॅ. संतोष गोयल) पठनीय व विचार योग्य रचनाएं हैं। रमेश प्रसून, पंकज शर्मा, रमेश कुमार सोनी, कृपाशंकर शर्मा ‘अचूक’, इब्राहीम अश्क, श्याम खरे, सागर सूद, श्याम सखा श्याम, कंुदन सिंह सजल एवं अन्य कवियों की कविताएं स्तरीय व पढ़ने योग्य हैं। रूप देवगुण, संतोष सुपेकर, अशफाक कादरी एवं डाॅ. लीला मोदी की लघुकथाएं वर्तमान समाज की कुरीतियों एवं आडंबरों से समाज को जाग्रत करने में सफल रही हैं। पत्रिका का सिरायकी खण्ड भी उपयोगी व संग्रह योग्य है। अन्य रचनाएं, स्तंभ व पत्र आदि भी प्रभावित करते हैं।

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