Wednesday, March 17, 2010

क्या आपने पढ़ा है?--‘विश्व हिंदी समाचार’

पत्रिका: विश्व हिंदी समाचार, अंक: दिसम्बर.09, स्वरूप: त्रैमासिक, प्रधान संपादक: डाॅ. (श्रीमती) विनोद बाला अरूण, संपादक: डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, पृष्ठ: 12, मूल्य:उपलब्ध नहीं (वार्षिकः उपलब्ध नहीं), ई मेल: whsmauritius@intnet.mu , sgwhs@intnet.mu/dsgwhs@intnet.mu वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. (230)6761196, सम्पर्क: World Hindi Secretartat, Swift Lane, Forest side, Mauritius
समाचार प्रधान पत्रिका विश्व हिंदी समाचार के दूसरे वर्ष के इस अंक 8 में अति महत्वपूर्ण समाचारों का प्रकाशन किया गया है। इस पत्रिका के समाचारों से विश्व भर में हिंदी भाषा व साहित्य जगत में हो रहे अद्यतन कार्यो की जानकारी मिलती है। पत्रिका के मुखपृष्ठ पर ‘माॅरीशस के राष्ट्रपति सर अनिरूद्ध जगन्नाथ डी. लिट की मानद उपाधि से विभूषित’ का प्रकाशन बहुत ही संुदर ढंग से किया गया है। महात्मा गाॅधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा में 9 दिसम्बर 2009 को आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें डी. लिट की उपाधि प्रदान की गई। उनके द्वारा भोजपुरी में दिए गए अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया गया कि माॅरिशस में रह रहे भारतवंशियों के खून में हिंदी रचती बसती है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वेबसाइट हिंदीसमयडाट काम का लोकार्पण भी उनके द्वारा किया गया। दूसरे पृष्ठ पर माॅरिशस में आयोजित हिंदी निबंध प्रतियोगिता के आयोजन को स्थान दिया गया है। इस अवसर पर श्री प्रशांत पीसे, उपउच्चायुक्त ने श्री पी. चिदंबरम, ग्रहमंत्री भारत सरकार का तथा सुश्री सुजा के. मेनन, द्वितीय सचिव ने विदेश सचिव, श्रीमती निरूपमा राव का संदेश उपस्थित श्रोताओं के समझ पढ़कर सुनाया। इसी पृष्ठ पर भूटान के शहर फुंछोलिंग में पहली बार आयोजित हिंदी दिवस व हिंदी पखवाड़ा के आयोजन का समाचार प्रकाशित किया गया हैै। मुखलाल लोकमन द्वारा लिखित भारतीय आप्रवासी दिवस पर पुस्तकों का लोकार्पण का समाचार आकर्षित करता है। प्रधान संपादक श्रीमती विनोद बाला अरूण ने हिंदी के प्रचार प्रसार में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला है। संपादक श्री राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने विश्व हिंदी दिवस तथा महात्मा गाॅधी अंतर्राष्ट्रीय विश्व विद्यालय की गतिविधियों पर पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है। प्रो. योशिफुमि मिजुनो (जापान) ने ‘टोक्यो के आसपास हिंदी शिक्षण’ आलेख में स्पष्ट किया है कि छात्र/छात्राएं अनिवार्य रूप से नहीं अपनी इच्छा से हिंदी चुनकर पढ़ते हैं। यह उक्ति हम भारतवासियों को आस्वस्त करती है कि हिंदी अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। अमेरिका में सक्रिय हिंदी पाठशालएं आलेख वहां हिंदी शिक्षण केन्द्रों की जानकारी देता है। अन्य समाचारों में डाॅ. अभिमन्यु अनंत और प्रो.पुष्मिता अवस्थी को शमशेर सम्मान, दिमाग को चुस्त बनाती है हिंदी, यू.के. में भाषिक कम्प्यूटिंग और मल्टी मीडिया कार्यशालाएं, जमैका के हिंदी छात्र पिकनिक पर आदि का बहुत ही संुदर ढंग से प्रकाशन किया गया है। पत्रिका ने ख्यात पत्रकार व लेखक स्व. प्रभाष जोशी व स्व. मुनीश्वरलाल चिंतामणि को श्रद्धांजलि अर्पित की है। पत्रिका के शानदार कलेवर व प्रस्तुतिकरण अनुकरणीय व प्रभावशाली है। बधाई

3 comments:

  1. ‘विश्व हिंदी समाचार’के बार आज आप से सुना है पढना तो दुर की बात.
    धन्यवाद

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  2. jisne duniyaa dekhi hai....


    usne kyaa nahin dekhaa hogaa....?








    ???????????????????????
    ????????????????????????????????????


    HNM...??

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  3. बहुत ही उत्साहवर्धक प्रयास है ।

    वशिनी

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