Sunday, March 21, 2010

व्यंग्य विधा पर एकाग्र-‘प्रगति वार्ता’

पत्रिका: प्रगति वार्ता, अंक: दिसम्बर.09, स्वरूप: मासिक,प्रधान संपादक: डाॅ. रामजन्म मिश्र, संपादक: सच्चिदानन्द, पृष्ठ: 80, मूल्य:20 रू.(वार्षिकः 240रू.), ई मेल: pragativarta@yahoo.com.in , वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. (06436)222467, 09131311857, सम्पर्क: प्रगति भवन चैती दुर्गा स्थान, साहिबगंज 816.109 (झाडखण्ड) पत्रिका का समीक्षित अंक व्यंग्य विशेषांक है। इस अंक में व्यंग्य जैसी महत्वपूर्ण विधा पर आलेख सहित अन्य रचनाओं का प्रकाशन किया गया है। इनमें प्रमुख हैं- हिंदी व्यंग्य यात्रा(डाॅ. अशोक प्रियदर्शनी), हिंदी व्यंग्यःदिशा और दृष्टि(डाॅ. सुरेन्द्र परिमल) तथा व्यंग्य की सार्थकता(डाॅ. राम जन्म मिश्र) अन्य कालजयी रचनाओं में एक मध्यमवर्गीय कुत्ता(हरिशंकर परसाई), महंगाई(शरद जोशी) तथा एक बहुत बूढे़ आदमी से मुलाकात(रवीन्द्र नाथ त्यागी) हर बार पढ़ने पर नवीन आनंद देते हैं। अन्य समकालीन व्यंग्य में - क्रिकेट प्रभु की जय(पे्रम जनमेजय), राजा शूर है(शंकर पुणताम्बेकर), मैं लेखक हूं(पूरन शरमा), बजट से डर मत(विनोद शंकर शुक्ल), हर बारिश में(कैलाश मण्डलेकर), जूते की राजनीति(अजय अनुरागी) तथा जंगल की ओर(विनोद साब)। पत्रिका में प्रकाशित अन्य व्यंग्य रचनाएं भी प्रभावित करती हैं। पत्र, समीक्षा तथा आलेख भी उपयोगी हैं।

1 comment:

  1. sahi men pragativarta sahitya jagat men pragati shikhar par agrsar hai. pichhle dino ramjanm ji ke sath rahne ka mauka mila,tha, meri subh kamnaye pragativarta ke satha hai.
    Bhai Akhilesh Ji aapse vinti hai ki aap apna Email ID mujhe mail karen, mera ID hai- wgmrak@gmail.com, tatha - drishtipathindi@mail.com
    www.drishtipat.com

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