Thursday, March 18, 2010

साहित्य का-‘संबोधन’

पत्रिका: सम्बोधन, अंक: जनवरी-मार्च 2010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: क़मर मेवाड़ी, पृष्ठ: 98, मूल्य:20 रू.(त्रैवार्षिकः 200रू.), ई मेल: qamar.mewari@rediffmail.com , वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फोन/मो. (02952)223221, सम्पर्क: पोस्ट कांकरोली 313324, जिला महासमन्द, राजस्थान
पत्रिका के समीक्षित अंक मंे ख्यात कवि भगवत रावत की तीन सार्थक व पठनीय कविताओं को स्थान दिया गया है। प्रख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह से अरूण आदित्य की बातचीत काफी कुछ सिखाती है। जयश्री राय की कविताएं आज के समय का दस्तावेज प्रस्तुत करती हैं। रामकुमार कृषक की डायरी एक बार फिर इस विधा की सार्थकता सिद्ध करती है। हरपाल सिंह अरूण की कविता, श्याम जांगिड़ के उपन्यास अंश व पल्लव का कथा प्रतिमान अच्छी व पठनीय रचनाएं बन पड़ी हैं। विद्यासागर नौटियाल की कहानी ‘सोना’ व नवज्योत भनोत का आलेख अंधेरे के खिलाफ जद्दोजहद’ में पाठक को बहुत कुछ नया मिलता है। पत्रिका की अन्य ग़ज़लें, समीक्षाएं कविताएं व अन्य सामग्री भी प्रभावशाली व सार्थक प्रस्तुुति है। इस लघु पत्रिका के संपादन के लिए क़मर मेवाड़ी जी बधाई के पात्र हैं।

1 comment:

  1. kya lucknow men uplabdh ho sakegi ? han toh kahan?

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