Tuesday, February 16, 2010

ग़ज़ल विधा पर एकाग्र ॔साहित्य सागर’

पत्रिका : साहित्य सागर, अंक : फरवरी 10, स्वरूप : मासिक, संपादक : कमलकांत सक्सेना, पृष्ठ : 52, मूल्य : 20 रू.(वार्षिक 250रू.), ई मेल : kksaxenasahityasagar@rediffmail.com , सम्पर्क : 161बी, शिक्षक कांग्रेस नगर, बाग मुगलिया, भोपाल म.प्र.
पत्रिका का समीक्षित अंक डॉ. महेश भार्गव पर एकाग्र हैं। अंक में उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया है। अन्य रचनाएं ग़ज़ल विधा पर विचार करती दिखाई देती हैं। इनमें डॉ. ब्रहमजीत गौतम, डॉ. दरवेश भारती, भवेश दिलशाद के लेख ग़ज़लों पर अपनी विशिष्ट शैली में विश्लेषण करते है। डॉ. महेन्द्र अग्रवाल, भवेश दिलशाद, संयोगिता देसाई, रामस्नेहीलाल शर्मा तथा चन्द्रसेन विराट की ग़ज़लें अच्छी व संग्रह योग्य हैं। पत्रिका की अन्य रचनाएं व स्तंभ भी भी पाठक को आकर्षित करते हैं।

1 comment:

  1. धन्यवाद इस अच्छी जानकारी के लिये

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