Thursday, January 21, 2010

अखबारों से नाटक क्यों गायब है?--इप्टा वार्ता

पत्रिका-इप्टा वार्ता, अंक-सितम्बर.09, स्वरूप-मासिक, संपादक-हिमाशु राय, पृष्ठ-08, मूल्य-समाचार पत्र पर अंकित नहीं, फोनः (0761)2417711, ईमेल iptavarta@rediffmail.com , सम्पर्क-पी.ड़ी. 04, परफेक्ट एन्क्लेव, स्नेह नगर जबलपुर .02
मध्य प्रदेश इप्टावार्ता जबलपुर मध्यप्रदेश से प्रकाशित होने वाली एकमात्र नाट्य समाचार पत्रिका है। समीक्षित अंक में देश भर में होने वाली नाट्य गतिविधियों पर जानकारीपरक समाचार प्रकाशित किए गए हैं। पत्रिका के मुखपृष्ठ पर ख्यात व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई जी के जन्म दिवस कार्यक्रम का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। सुप्रसिद्ध कथाकार उदयप्रकाश की कहानी तिरिछ के मंचन का समाचार भी दूसरे पेज पर विशेष विवरण के साथ प्रकाशित किया गया है। विश्वप्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर का आलेख ‘उपभोक्ता समाज में कला और संस्कृति एक गंभीर व आज के संदर्भ में विचारणीय आलेख है। ‘रंग खबर’ स्तंभ के अंतर्गत हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायिका स्व. गंगूबाई हंगल के जीवन संघर्ष से पाठक का परिचय कराया गया है। अन्य समाचारों में ‘इंदोर में हबीब तनवीर के नाटक ‘चरणदास चोर’ का मंचन, नटरंग की गोष्ठी, विवेचना का राष्ट्रीय नाट्य समारोह, नादिकर के नाटक को स्थान दिया गया है। मराठी रंगमंच तथा कलाजगत की प्रमुख हस्ती नीलू फूले के निधन के समाचार के साथ उनके व्यक्तित्व की विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है। पत्रिका संक्षेप में इतना कुछ कह जाती है जो कई दिनों तक पाठक के जेहन में घूमता रहता है। प्रत्येक कला पे्रमी अवश्य ही इसे पढ़ना चाहेगा। क्या आप नहीं चाहेंगे?

3 comments:

  1. यही एकमात्र नाट्य समाचार पत्रिका है, धन्यवाद अखिलेश जी.

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  2. jankari dene ke liye shukriya

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