Monday, November 23, 2009

आप भी सीखे ग़ज़ल लिखना--संदर्भ ‘ग़ज़ल के बहाने’

पत्रिका-ग़ज़ल के बहाने, अंक-04., स्वरूप-अनियतकालीन, संपादक-डाॅ. ‘दरवेश’ भारती, पृष्ठ-32, मूल्य-अनमोल, सम्पर्क-1341/17, चमेली मार्केट, रोहतक हरियाणा, मो. 09466831500 ई मेलः ghazalkebahane.darveshbharti@gmail.com
पत्रिका ग़ज़ल के बहाने को जब पहली बार डाक में देखा तब इस पर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन पढ़ने पर लगा कि यह कोई ऐसी वैसी पत्रिका नहीं है। इसमें ग़ज़ल विधा पर गंभीरतापूर्वक विचार किया गया है। इस अंक में आर.पी. महारिश, अकील नोमानी, अनमोल शुक्ल, माणिक वर्मा, महेन्द्र हुमा, मुनव्वर अली, श्याम अंकुर, कौशल फरहत, नरेश निसार की ग़ज़लें बेहतर हैं। पत्रिका केवल ग़ज़ल प्रकाशित ही नहीं करती अपने पाठकों में ग़ज़ल के संस्कार भी डालती है। इसमें प्रकाशित आलेख ग़ज़ल कहने तथा लिखने की बारीकियों पर विचार करते हैं। इस विधा की पत्रिका की कमी पूरी करती हुई यह पत्रिका वास्तव में पढ़ने व सहेजने योग्य है। अच्छे अंक के लिए बधाई।

4 comments:

  1. हमें कैसे प्राप्त हो सकती है जी??

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  2. बहुत बहुत धन्यवाद इस जानकारी के लिये

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  3. बहुत जरूरी सूचना देदी है आपने...धन्यवाद...
    नीरज

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  4. जो पता यहाँ दिया है क्या उसी पते पर डाक द्वारा इसे मंगाया जा सकता है ...

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