Thursday, October 22, 2009

ग़ज़ल विधा पर एकाग्र एकमात्र पत्रिका--ग़ज़ल के बहाने

पत्रिका-ग़ज़ल के बहाने, अंक-तीन(जुलाई09), स्वरूप-अंकित नहीं, संपादक-डाॅ.‘दरवेश’ भारती, पृष्ठ-40, मूल्य-अंकित नहीं, संपर्क-5452, शिव मार्केट, गली नं. 06, न्यू चंद्रावल दिल्ली 110007 फोनः (011)65352060 ई मेलः ghazalkebahane.darveshbharti@gmail.com
पत्रिका ग़ज़ल के बहाने हिंदी ग़ल़लांे को विशुद्ध रूप में प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसकी रचनाओं का स्तर उर्दू साहित्य में प्रकाशित ग़ज़लों के स्तर से किसी भी तरह कम नहीं है। कुछ प्रमुख ग़ज़ल गो हैं--ज़हीर कुरेशी, विनय मिश्र, श्याम नंदन सरस्वती, चंद्रसेन विराट, आनंद परमानंद, माधव कौशिक, देवी नागरानी, द्विजेन्द्र द्विज, महेन्द्र नेह, उमाशंकर ‘अश्क’, नूर मोहम्मद नूर, घमंडीलाल अग्रवाल, चांद शर्मा व महेश अग्रवाल आदि। ग़ज़लों की प्रस्तुति व उनका संयोजन पत्रिका को उल्लेखनीय बनाता है।

3 comments:

  1. अखिलेश जी, दिनों बाद आ पा रहा हूँ। कुछ अनावश्यक व्यस्ततायें थीं।
    दरवेश भारती जी का ते अप्रतिम प्रयास इस "ग़ज़ल के बहाने" के लिये तो कालजयी है। उनकी कृपा से इसकी अभी तक की प्रकाशित तीनों प्रतियां मेरे पास हैं।

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  2. बहुत सुंदर जानकारी दी आप ने , कृप्या आप इसे ठीक कर ले ""ग़ल़लांे"" शायद आप ने गजलो लिखना था
    धन्यवाद

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  3. अब तो कल ही बुक शॉप पर जाना पड़ेगा ....

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