Sunday, October 11, 2009

मनुष्य की नवविचारवादी सोच और समय के साखी

पत्रिका-समय के साखी, अंक-अगस्त.09, स्वरूप-मासिक, संपादक-डाॅ. आरती, पृष्ठ-56, मूल्य-20(वार्षिक-220रू.), संपर्क-बी 308, सोनिया गाॅधी काम्पलेक्स, हजेला हास्पिटल के पास, भोपाल म.प्र. फोनः 9713035330
ई मेलः samaysakhi@gmail.com
साहित्य की समस्त साहित्यिक विधा के लिए समर्पित पत्रिका समय के साखी के समीक्षित अंक में तुलसीदास पर महत्वपूर्ण आलेख डाॅ. हरिप्रसाद दुबे ने लिखा है। इसमें नए प्रतिमानों के आधार पर तुलसी साहित्य का विश्लेषण किया गया है। बाबुल(लता अग्रवाल), पहाड़ जैसी लडकी(कुसुम भट्ट) एवं परिवर्तन(अखिलेश शुक्ल) कहानियां आधुनिक परिवेश का प्राचीन संस्कृति संबंध स्थापित करती दिखाई देती है। डाॅ. सुरेश उजाला एवं कृष्ण कुमार यादव की कविताएं मनुष्य की नव विचारवादी सोच का परिचय देती है। अशोक पोरवाल, अशो क भाटिया की लघुकथाएं व डाॅ. श्रीनिवास शुक्ल का लोक साहित्य पर लिखा गया आलेख बघेली लोक साहित्य में मानवीय मूल्य शोध ़छात्रों के लिए उपयोगी व संग्रह योग्य रचनाएं हैं। अच्छी पत्रिका के सार्थक अंक के लिए बधाई।

1 comment:

  1. धन्यवाद जी सुंदर जानकारी के लिये

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