Friday, June 5, 2009

कलम की ठंडी बयार---संदभ्र शुभ तारिका

पत्रिका-शुभ तारिका, अंक-मई-जून.09, स्वरूप-मासिक, संपादक-श्रीमती उर्मि कृष्ण, मूल्य-25रू. (वार्षिक 120रू.), संपर्क-कृष्णदीप, ए-47, शास्त्री कालोनी अंबाला छावनी, 133.001 हरियाणा (भारत)
प्रख्यात साहित्यकार महाराज कृष्ण जैन पर एकाग्र पत्रिका का समीक्षित अंक संग्रह योग्य सामग्री से भरपूर है। स्मृति दर्पण के अंतर्गत नलिन जैन, विष्णु प्रभाकर, अजात शत्रु, प्रबोध कुमार गोविल, रमेश प्रसून, प्रतीक्षा भाटिया, धनंजय कुमार, अरूण कुमार भट्ट, पृथ्वी राज अरोड़ा, अर्चना कुमारी, स्नेह बंसल तथा पंकज शर्मा के संस्मरण डाॅ. महाराज कृष्ण जी पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं। इन आलेखों से पाठक सहज ही यह जान लेता है कि डाॅ. महाराज कृष्ण जी एक साहित्यकार के साथ साथ सहृदय व्यक्तित्व भी थे। सरल सहज व मिलनसार इस साहित्यकार ने साहित्य सृजन करने के साथ साथ साहित्य को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाया था। उनकी रचनाएं आम आदमी के इर्द-गिर्द घूमती तथा उससे प्रश्न करती हुई दिखाई देती हैं। शुभ तारिका ने समीक्षित अंक मंे उनके व्यक्तित्व के रचनात्मक पहलु को बहुत ही सुंदर ढंग से व्यक्त किया है। इस पुनीत कार्य के लिए पत्रिका की संपादिका तथा उनकी टीम बधाई की पात्र है।

1 comment:

  1. अच्छी जानकारी अखिलेश जी...
    आप बड़े पुण्य का काम कर रहे हैं।

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