Thursday, May 14, 2009

हिंदुस्तानी ज़बान-----शोधपरक त्रैमासिक पत्रिका

पत्रिका-हिंदुस्तानी जबान, अंक-अपै्रल-जून.09, स्वरूप-त्रैमासिक, संपादक-डाॅ. सुशीला गुप्ता, पृष्ठ-60, मूल्य-10रू.(वार्षिक 40रू.) संपर्क-महात्मा गाॅधी मेमोरियल रिसर्च सेन्टर और लाइब्रेरी, महात्मा गाॅधी बिल्ंिडग, नेताजी सुभाष रोड़, मुम्बई 400002 (भारत)
हिंदुस्तानी जबान हिंदी व उर्दू में प्रकाशित होने वाली प्रमुख गाॅधी साहित्यवादी पत्रिका है। समीक्षित अंक में भारत केन्द्रित विश्व दृष्टि(डाॅ. सिद्धेश्वर प्रसाद), साहित्य और विश्व शांति(डाॅ. अमर सिंह वधान), कवि भूषण का काव्य वैभव(डाॅ. राममूर्ति त्रिपाठी), कृष्ण काव्य में मनुष्य की प्रतिष्ठा(डाॅ. त्रिभुवन राय) तथा शब्द ब्रम्ह्य की उपेक्षा क्यों?(डाॅ. अचलानंद अखमोल) प्रमुख हैं। पत्रिका गाॅधीवादी साहित्य के साथ साथ वर्तमान संदर्भो में भारतीय साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों पर आधारित आलेख प्रमुखता से प्रकाशित करती है। ये आलेख विश्लेषणात्मक होने के साथ साथ शोधपरक भी होते हैं। समीक्षित अंक की पुस्तक समीक्षा, साहित्यिक गतिविधियां तथा पाठकों के पत्र पठनीय तथा संग्रह योग्य हैं। संपादक डाॅ. सुशीला गुप्ता का समकालीन साहित्य पर लिखा गया संपादकीय कुछ नए प्रश्नों को उठाता है जिन पर आज विचार किए जाने की आवश्यकता है।

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