Monday, January 26, 2009

अणुकन्या.....तकनीक और साहित्य का सम्पर्क सूत्र

पत्रिका-अणुकन्या, अंक-01(प्रवेशांक), मुख्य संरक्षक-के।सी. पुरोहित, संरक्षक-एम.के. बालाजी, मुख्य परामर्शदाता-वी. चेल्लप्पा, परामर्शदाता-टी.वी. बलसराजन, सपंादक-श्रीमती सुरभि सुधीर, मूल्य-निःशुल्क वितरण के लिए, सम्पर्क-कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट, कुडनकुलम पोस्ट, राधापुरम तालुक, तिरूनेलवेली, तमिलनाडू 627.106
यह इस संस्थान की गृहपत्रिका है। पत्रिका के प्रवेशांक में प्रोजेक्ट के वरिष्ठ अधिकारियों के संदेश प्रकाशित किए गए हैं। संपादक ने अपने वक्तव्य में हिंदी का महत्व प्रतिपादित किया है। इसमें अनंत शयनम् आयंगर, वी. चेल्लप्पा एवं श्रीमती सुरभि के आलेख हैं। इन आलेखों में प्रोजेक्ट का हिंदी के प्रति अनुराग प्रगट होता है। शैलेन्द्र कुमार जोशी ने प्रोजेक्ट के विकास में राजभाषा की भूमिका र आलेख लिखा है। एन.ई.जे. मणिकण्डन ने अंग्रेजी-हिंदी-तमिल शब्दावली के माध्यम से उत्तर-दक्षिण की खाई पाटने का भागीरथी प्रयास किया है। हरिनारायण साहू, श्रीमती सुखदा, रविशंकर, श्रीमती भावना भारद्वाज, डाॅ. अजय दुबे, डाॅ. प्रीति दुबे, मनोज कुमार सिंह की रचनाएं सिद्ध करती हैं कि नितांत तकनीकि वातावरण में कार्य करते हुए भी संवेदनाएं जीवित रहती हैं। संपूर्ण रंगीन मुद्रण वाली इस पत्रिका की साज-सज्जा आकर्षक है।

1 comment:

  1. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    ---आपका हार्दिक स्वागत है
    गुलाबी कोंपलें

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